क्यों बन गया एक पति Cuckold ? – 2
पिछले कुछ हफ्तों में मोहित का आना-जाना एक नियमित बात हो गई थी। हर रात, ठीक आठ बजे, वह शेखर […]
पिछले कुछ हफ्तों में मोहित का आना-जाना एक नियमित बात हो गई थी। हर रात, ठीक आठ बजे, वह शेखर […]
रविवार के दिन कैफेटेरिया में तय की गई रणनीति के बाद पूजा और शेखर घर लौट आए। पूजा चुप थी,
पाँचों मर्द उसके पीछे खड़े थे. उनके लंड अभी भी गीले थे – पूजा की लार से लथपथ, चमकते हुए.
बाथरूम का दरवाज़ा बंद हुआ और पानी की आवाज़ आने लगी। लिविंग रूम में पाँचों मर्द नंगे बैठे थे, उनके
निखिल ने अपना हाथ उठाकर सबको रुकने का इशारा किया – उसकी आँखों में एक शिकारी की चमक थी, एक
गैंगबैंग के सफल समापन के बाद, कमरे में एक अजीब सी शांति छा गई थी। पसीने और वीर्य की गंध
शाम के छह बज रहे थे जब मयूर की आँखें अचानक खुल गईं। उसकी आँखें जल रही थीं, नींद के
पूजा लिविंग रूम के बीचोबीच नग्न खड़ी थी – उसके पतले, तंग शरीर पर पानी की बूँदें चमक रही थीं,
राजेश सोफे से उठा और उसने फिर से म्यूज़िक चालू कर दिया – वही तेज़, धड़कता हुआ बीट वाला गाना
पिछले भाग में हमने देखा, कैसे सुमेर का लौड़ा उसके खुदके माँ ने अपने हाथो से साफ किया और उसे