पात्र :
संजय – ( आदित्य और अमित के पिता और प्रिया के पति )
उम्र ५२, penis का साइज ५ इंच ३ इंच, मुंबई नगर पालिका में क्लर्क है, हमेशा काम में व्यस्त रहते है,.. ज्यादातर वक्त घर के बाहर ही रहते है..
प्रिया – ( आदित्य और अमित की मां और संजय की पत्नी )
उम्र ४५, गोरा रंग, मखमली, smooth त्वचा, बड़ी आँखें, काले लंबे curly बाल,.. ३६ के स्तन, कमर भी ३७ के करीब, हमेशा अपने आपको clean रखती है, चूत , गांड और बदन पर बिल्कुल बाल नहीं रहने देती, ये आश्चर्य ही है की, भारतीय होने के बावजूद, प्रिया की चूत, किसी विदेशी blonde औरत जैसी गुलाबी थी।
आदित्य : (संजय और प्रिया का बड़ा बेटा)
उम्र २१, अभी graduation के second year में है,.. बचपन से basketball की practice की वजह से height ६ feet और शरीर चुस्त दुरुस्त है,. कोई कह नहीं सकता कि ये लड़का २१ का है,.. penis का size ८ inch लंबा और २.५ मोटा।
अमित : (संजय और प्रिया का दूसरा बेटा)
उम्र १९ : ये भी आदित्य की तरह बचपन से basketball practice की वजह से चुस्त दुरुस्त है,..height ५ feet १० inch.. penis का size ६ inch , ३.५ inch मोटा।
कहानी..संजय और प्रिया महाराष्ट्र के अमरावती district से थे,.. संजय की नौकरी मुंबई mumbai municipal corporation में लगी थी, नौकरी के वजह से वो मुंबई में shift हो चुके थे,.. जब उनकी शादी हुई तब प्रिया सिर्फ १८ की थी,.. जल्दी ही, उनके बच्चे हुए, एक लड़का आदित्य और दूसरा अमित.. आदित्य college जाने लगा था, और उसी trust के school में अमित था जो अब १२th में था,..
दोनों को बचपन से basketball खेलने का शौक था इसीलिए उनके शरीर गठीले और उनकी height भी अच्छी खासी थी,.. उनकी उम्र भले ही कम थी पर , शरीर से वो किसी भी परिपक्व मर्द से कम नहीं थे,..
संजय अक्सर काम में उलझा रहता, उसका और प्रिया का रिश्ता, ठंडा हो चुका था,.. संजय रोज ७,८ बजे घर आता और सुबह जल्दी, निकल जाता,.. और बच्चे आदित्य और अमित भी अपने school, college के दुनिया में व्यस्त थे,.. प्रिया घर पर ही रहती थी,.. वो अंदर ही अंदर तड़प रही थी,.. उसकी जिस्म की प्यास उसे चैन से बैठने नहीं दे रही थी,.. क्योंकि वो, एक संस्कारी बीवी, और मां थी, तो कभी उसने संजय के अलावा, किसी मर्द से रिश्ता रखने का कभी नहीं सोचा,..
लेकिन संजय के जीवन से, मानो प्रिया कब की गायब हो चुकी थी, वो उसकी तरफ ध्यान नहीं देता था, जब कभी वो sex करते, तो संजय ५ minute में ही झड़ जाता, प्रिया प्यासी रह जाती … उनकी sex life पूरी तरह से तबाह हो चुकी थी, इसीलिए जब संजय और बच्चे, जब घर से चले जाते, तो वो तुरंत , bedroom में जाकर masturbate करती और अपनी प्यास बुझाने की कोशिश करती,..
४५ की होने के बावजूद प्रिया किसी भी तरफ से ४५ की नहीं लगती थी, उसने अपने आप को चुस्त दुरुस्त रखा था, वो योगा करती थी, शायद इसीलिए उसकी कामवासना बढ़ती उम्र के साथ घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही थी,..
ऐसे ही एक दिन, जब सब लोग घर से चले गए, तब प्रिया तुरंत अपने bedroom में चली गई अपनी प्यास बुझाने के लिए,.. उसने fridge से एक बड़ा सा बैगन हाथ में ले लिया था.. और मस्त आराम से bed पर बैठ गई और अपनी साड़ी कमर तक उमर कर ली,..
उसकी गीली निकर तो वो कब की उतार चुकी थी, उसने अपने blouse के buttons खोल के, उसके ३६ के स्तन को आजाद कर दिया, और एक हाथ से nipple को मसलने लगी और दूसरे हाथ से, वो बड़ा बैगन अपनी गुलाबी चूत के अंदर-बाहर करने लगी.. उसने अपनी आंखें बंद की और चरमसुख आने का इंतजार करने लगी,..
उधर college में, एक teacher को heart attack की वजह से, अफरातफरी हो गई थी, और college और school को छुट्टी दे दी गई थी,.. तो आदित्य और अमित दोनों ने सोचा, कि घर जाए और चुपचाप अपने कमरे में porn देखा जाए,.. वैसे तो वो, अपने college के कुछ दोस्तों की वजह से, अपनी उभरती हुई जवानी की भड़ास निकालने के लिए, चुप के से रंडियों को चोदा करते थे, पर जल्द ही, वो उनसे bore भी हो गए थे,..
उन्हें उन कृत्रिम तरीकों से बनाई गई रंडियों को चोदने से मजा नहीं आता था, नकली silicon से भरी छाती, surgery की हुई चूत और गांड, से वो बोर हो गए थे।..उन्हें कुछ नया, origional चाहिए था,.. और इसी बात की वजह से वो porn के addict भी हो गए थे.. उन्हें porn में brutality, gangbang, spit roast, pissing ,rimming सब देखना पसंद था,.. उनका सपना था, कि किसी दिन वो भी किसी लड़की या औरत के साथ, वो सब कर सके,..,..
वो घर पहुंचते है,.. क्योंकि उनके पास घर की extra चाबी थी , तो उन्होंने सोचा, कि bell बजाकर मां को परेशान नहीं करते है, और उन्होंने अपनी चाबी से दरवाजा खोल लिया,.. और अंदर आए,.. जैसे ही वो मां को आवाज देने वाले थे, उन्हें किसी की कराहने की आवाज आती है,… वो चुपके से आवाज का पीछा करते हुए, मां के bedroom के पास पहुंचते है,.. और जैसे ही वो अंदर जाते है, अंदर का नजारा देखते ही उनका मुंह खुला का खुला रह जाता है,..
उनकी मां उनके सामने bed पर अपनी दोनों टांगे फैलाकर, नंगी अवस्था में, अपने दोनों हाथों से बैगन पकड़ कर, जोर जोर से उसे अपनी गुलाबी चूत के अंदर-बाहर कर रही थी,.. बैगन पूरी तरह भीग चुका था , उनकी मां की चूत से सफेद cream निकल रहा था, और उनकी मां यानी कि प्रिया, अपनी आंखें बंद करके .. मजे से कराह रही थी , उसे पता ही नहीं था, कि उसके दोनों बेटे उसके सामने खड़े, उसका नजारा देख रहे थे,..
आदित्य और अमित के लंड pant के अंदर ही पूरी तरह से कड़क हो चुके थे,.. उन्हें ऐसा लग रहा था , जैसे उनके लंड pant फाड़ के बाहर आ जाएंगे,.. अमित आगे होकर कुछ बोलने ही वाला था , उतने में आदित्य ने उसे इशारे से चुप करा कर, mobile से उनकी मां का video बनाने को कहा,..
अमित ने ठीक वैसेही किया,.. दोनों अपनी नंगी मां का masturbate करने का video बना रहे थे, और एक हाथ से अपनी pant के ऊपर से ही अपने लंड को सहला रहे थे। अपनी मां को इस हालत में देख के उनके अंदर की मर्दानी वासना जाग चुकी थी। उन्हें अपनी मां के अंदर एक रंडी दिख रही थी।
वो भूल गए कि, जिस गुलाबी चूत को वो चोदने का सोच रहे थे, कभी उसी चूत से वो बाहर आए थे। ये दुनिया का प्रकृति का नियम ही था, जो उन नौजवान लड़कों को इंसानों ने बनाए हुए, जटिल रिश्ते और उनके नियमों से अलग, सिर्फ और सिर्फ विरुद्ध यौन आकर्षण से उन्हें उत्तेजित कर रहा था।.. आदित्य और अमित अपनी योजना बना चुके थे,..
तभी..प्रिया जोर जोर से मदहोशी से करहाते हुए,.. झड़ने लगी,.. उसकी टांगे सिकुड़ने लगी.. उसका बदन चरम सुख के प्राप्ति से थरथरा उठा.. और सफेद पानी उसकी गुलाबी चूत से बह निकला,.. उसने अपनी आंखें खोली.. और सामने अपने दोनों बेटों को खड़ा देख उसकी आँखें, फटी की फटी रह गई,
एक पल के लिए उसे कुछ समझ नहीं आया कि वो अब क्या करे,.. उसकी टांगे अभी भी फैली हुई थी , बैंगन अभी भी उसकी चूत में फंसा हुआ था,.. उसके स्तन अभी भी खुले थे,.. और उसके दोनों बेटे हवस भरी आंखों से लगातार उसकी चूत को घूर रहे थे,.. प्रिया तुरंत, पैर मिटाते हुए और ब्लाउज को सीने पर ओढ़कर ,छाती छिपाने की नाकाम कोशिश करते हुए, अपने बेटों पर चिल्ला उठी,
“आदि, अमित!”.तुम…तुम दोनों कब आए?” अभी के अभी निकलो मेरे कमरे से!”
पर,.. अपनी मां की बात सुनने के बजाय, आदित्य ने अपनी चाल चली,.. “क्या मतलब है? हम अपने ही घर में नहीं आ सकते क्या?.. और , मम्मी.. तुम..तुम ये क्या कर रह थी?”…”तुम्हे शर्म नहीं आती ये सब करते हुए?”
“हमने सब देख लिया है, तुम हमारे और पापा के जाने के बाद, ये सब करती हो घर पे?”.. अमित ने video save करके, mobile जेब में रखते हुए कहा।
प्रिया को उम्मीद नहीं थी , की उसे पलट कर सवाल पूछा जाएगा, वो थोड़ी डर गई और सोच में पड़ गई कि क्या जवाब दे,..
“वो मैं…मै.. मै तो .. वो..” उसे समझ नहीं आ रहा था कि, उसके बच्चों को कैसे समझाएं कि एक औरत की क्या जरूरत और ख्वाहिश होती है,..
“बस करो मां!”..
आदित्य गुर्राया..
“हमने video बनाया है तुम्हारा !, उसे हम पापा को जरूर दिखाएंगे”
“और सारी बात बताएंगे कि हमारे जाने के बाद, घर में तुम क्या क्या करती हो”
“नहीं!.. ऐसा कुछ मत करना बेटा!”
प्रिया ने लगभग रोती हुई आवाज में विनती की,
“देखो, मै मानती हूं कि, तुम्हारे सामने ये सब नहीं होना चाहिए था, पर..”
“चुप करो मां!” अमित ने बात काटी,.. “सफाई मत दो हमें.”
प्रिया अब गिड़गिड़ाने लगी,
“देखो बेटा,.. ऐसा कुछ मत करना,.. मै.. मै..तुम दोनों को जो चाहोगे, वो दिला दूंगी”.. “कुछ भी.. जो तुम चाहो”..पर वो video delete करो, और इस बात को भूल जाओ”
उसे लगा वो उसके बच्चों को बहला फुसलाकर, .. कुछ खरीदकर दे देगी और मामला निपटा लेगी।
“कुछ भी?” आदित्य ने पूछा।
“हां.. हां.. कुछ भी.. जो तुम चाहो,..बस ये बात इस कमरे से बाहर नहीं जानी चाहिए”.. प्रिया ने हाथ जोड़ते हुए विनती की।
आदित्य और अमित के होठों पर, शैतानी हंसी की लकीर बन गई,
उन्होंने एक दूसरे को देखा,.. कुछ कहने की जरूरत नहीं थी,.. शिकार जाल में फंस चुका था।
“तो हमारी एक इच्छा है, मम्मी” अमित ने कहा।
“हां बेटा.. जो भी तुम्हारी इच्छा है पूरी हो जाएगी, बताओ क्या चाहिए?” प्रिया ने सांस छोड़ते हुए पूछा, उसे लगा उसने बात को संभाल लिया है।
तभी दोनों लड़कों ने एक दूसरे को देखा, और एक सुर में कहा,
“हमें तुमको चोदना है!”