माँ का रंडी बनने का सफ़र – पार्ट ४

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हेलो दोस्तों पिछले भाग में हमने देखा की, प्रिया को , अपने बेटों पर गुस्से की बजाय गर्व महसूस हो रहा था , और साथ ही उसके साथ होने वाली ज़बरदस्ती उसे एक अलग ही उत्तेजना दे रही थी , अगर आपने वो पार्ट नहीं पढ़ा तो यंहा क्लिक करके पढ़े माँ का रंडी बनने का सफ़र – पार्ट ३ तो चलिए, आगे बढ़ते है,

अमित उठा,
“चल उठ!.. रंडी मां”
उसने प्रिया को सर के बालों को पकड़ कर ऊपर उठाया,.. प्रिया के चेहरे पर, दर्द और हंसी की मिश्रण के भाव उभरे.. और अमित ने उसे bed पर लेटा दिया,.. उसने प्रिया को इस कदर लेटाया कि, प्रिया का सर bed के नीचे लटक रहा था, और उसका पूरा शरीर bed पे था, और चेहरा ऊपर की तरफ..

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उसने प्रिया को थोड़ा और bed से खींचा , जिससे प्रिया का सर bed पर आधा लटका हुआ था,.. प्रिया समझ रही थी कि ये position क्यूं ली जा रही थी,.. इस position में प्रिया का मुंह को उलटे तरीके से चोदा जाने वाला था , और इस बार उसके सर के नीचे bed का support रहने वाला था,

मतलब सर आगेपीछे होने का कोई बहाना नहीं था.. इस position में गले तक चोदने के लिए ज्यादा तकलीफ नहीं होने वाली थी , लंड आसानी से पूरे गले के में समा सकता था।

“तैयार हो मम्मी?” आदि ने पूछा
“हां” प्रिया ने हामी भरी

इस बार प्रिया ने आत्मविश्वास से कहा, उसे इस सारे नए प्रयोग में मजा आने लगा था।
अमित बेड पर चढ़ गया और प्रिया के पैर पर बैठ गया और उसके हाथ सीधे कर के , कस के पकड़ के रखे…
प्रिया समझ रही थी , अभी तक जो उसके मुंह की चुदाई हो रही थी, वो तो बस trailer था, असली film अब शुरू होने वाली थी।

आदित्य अपने ८ inch लंबे लंड को मसलते हुए, अपनी नंगी मां को क्रूरता से देख रहा था,.. प्रिया थोड़ी डर गई, पर पैर पे बैठे अमित ने मां को थोड़ा सा relax करने के लिए , मां के चूत को किस किया और अपनी चिभ चूत के अंदर लपलपाने लगा,..

इस अचानक, बदलाव से और इस नए सुख से अज्ञात प्रिया, .. सातवें आसमान में पहुंच गई,.. उसे इस तरह, आजतक किसीने उसकी चूत को चूमा था न चाटा था,.. उसकी आँखें सुख की अनुभूति से गोल घूमकर बंद हो गई,.. और वो मदहोशी से कराहने लगी,…

थोड़ी देर यूंही उसकी चूत चाटने के बाद , अमित अचानक से रुक गया,.. प्रिया ने नाराज़गी से आंखे खोली और सर उठा के अमित की तरफ देखा, और पूछा,

“रुक क्यों गए बेटा?, .. और करो ना बहुत अच्छा लग रहा है,..”
अमित ने शैतानी हंसी के साथ उसके सामने शर्त रखी

“पहले कहो कि तुम हमारी रंडी हो”
“कहो कि हम जब चाहे, जैसे चाहे, तुम्हे चोद सकते है”
“कहो कि हम जैसा चाहे, वैसा तुम्हारे साथ बर्ताव कर सकते है”
“कहो कि तुम हमारा हर हुक्म मानोगी”

प्रिया, ने सुना अनसुना कर दिया और कहने लगी,
“हां.. हां.. जो भी है, पर please बेटा चाटो ना नीचे”
वो गिड़गिड़ा रही थी,.. अपने बेटों से.. यौन सुख के लिए,

तभी, उसे जोर से एक थप्पड़ पड़ा आदित्य की और से,..
“साली कुतिया!,.. जो कहा है वो repeat कर!”
जिस्मानी भूख से बेबस प्रिया ने सारी बातें repeat करके अमित के सामने भीख मांगी,..

“हां मै तुम्हारी रंडी हूं”
“तुम जब चाहे, जैसे चाहे मुझे चोद सकते हो”
“तुम जैसा चाहे, वैसा मेरे साथ बर्ताव कर सकते हो”
“मै तुम्हारा हर हुक्म मानूंगी”
“अब भगवान के लिए मुझे चाटो, please!”

ये सब सुनने के बाद, अमित और आदित्य ने एक दूसरे की तरफ देख कर smile किया, .. और अमित फिर से मम्मी की चूत को चाटने लगा,..जैसे ही, उसने अपनी जीभ प्रिया की चूत पर फिराई,.. प्रिया के मुंह से आह.. निकल गई,,.. उसका मुंह खुल गया,..

तभी मौके का फायदा उठाकर, आदित्य ने अपनी मम्मी के बाल पकड़ कर सर को कस के पकड़कर bed पर दबाते हुए fix किया, और अपना लंड फिर से प्रिया के गले में उतर दिया,.. प्रिया ने इस अचानक हुए हमले की वजह से झटपटाने की कोशिश की,..

पर अमित के पैर पर बैठने की वजह से,.. और आदित्य के उसके सर को bed पर दबाके पकड़ने से.. वो हिल नहीं पाई,.. यही फायदा था इस position का दोनों लड़कों के लिए,.. आदित्य का पूरा लंड मम्मी के मुंह में से गले तक भरा था, .. उसकी गोटियां प्रिया की नाक पर थी,

और फिर, बिना किसी देर किए, उसने पूरी तेज़ी से अपनी मम्मी की मुंह की चुदाई शुरू कर दी!.. एक तरफ अमित प्रिया को कस के पकड़ कर उसकी चूत चाट रहा था, और आदित्य रुकने का नाम नहीं ले रहा था,.. वो दोनों अपनी मम्मी के बदन का इस्तेमाल किसी वस्तु की तरह कर रहे थे,..

कमरे में फिर से गले को चोदने की आवाजें गूंजने लगी,.. आदित्य.. बीच बीच में रुकता और गले में लंड फसा हुआ रख कर,.. धीर से ऊपर उठता,.. जिससे गले में फंसे लंड की वजह से प्रिया का सर गले के support से bed से ऊपर उठता,.. और फिर, वो अपना लंड प्रिया के मुंह से निकाल लेता,.. जिससे प्रिया का सर बिस्तर पर गिर जाता..

प्रिया का गला अब पूरी तरीके से खुल चुका था  उसे अब तकलीफ नहीं हो रही थी,.. उल्टा वो .. इस नए अनुभव का मजा ले रही थी,.. जो काम उसका पति नहीं कर पाया था, वो उसके बेटों ने कर दिया था,.. आदित्य उसी speed से लगभग १० minute तक उसका मुंह चोदता रहा, और गले में ही जोर जोर से करहाते हुए, झड़ने लगा,…बहुत सारा वीर्य तो प्रिया के हलक से नीचे उतर चुका था लेकिन, उल्टी लेटने की वजह से , मुंह में जो वीर्य था, वो बाहर आ गया और उसके पूरे चेहरे पर भर गया।..

प्रिया ने पहली बार वीर्य का स्वाद चखा था,.. और चखा भी तो किसका, उसके अपने बेटे का.. अपने खून का!.. उसे वो अच्छा लगा, अब वो सच में एक रंडी बन चुकी थी,.. जैसेही आदित्य ने अपना काम खत्म किया, उसने यूंही अपनी मां को एक और थप्पड़ मारा और उसके चेहरे पर थूक कर , bed पर चला गया,..

अब बारी थी अमित की.. आदित्य ने अमित की जगह ले ली और अपनी मां की चूत चाटने लगा और इधर अमित मम्मी का सर bed पर कस के पकड़ कर चोदने की position बनाने लगा,.. अमित के लिए, आदित्य पहले ही प्रिया के मुंह में चिकनाहट छोड़ गया था,..

अमित ने बिना देरी किए प्रिया के मुंह को चोदना शुरू किया,.. अमित का speed आदित्य से दोगुना था,,.. प्रिया अपनी चूत चटवाने के आनंद में सारे दर्द भूल गई थी वो अब तक लगातार, तीन बार झड़ चुकी थी,.. पर किसीको पड़ी नहीं थी,… लेकिन इस सुख का अनुभव वो बटोरती जा रही थी।..

मन ही मन वो अपने बेटों का शुक्रिया कर रही थी,.. क्योंकि बोलने के लिए, उसका मुंह खाली नहीं था,.. अमित इतनी जोर से उसका मुंह चोद रहा था, की आदित्य को उसे बोलना पड़ा speed कम करने के लिए,.. उसकी गोटियां,.. जोर जोर से प्रिया के चेहरे पर गिर रही थी।.. और फिर अमित भी लगभग ८ minute अपनी मम्मी का मुंह चोदने के बाद , उसके गले में झड़ गया।..

प्रिया ने उसका भी वीर्य गटक लिया।.. दोनों लड़के पूरी तरह से थक चुके थे। उन्होंने अपनी मम्मी को उठाया और bed पर सीधे लेटाया,,.. प्रिया के मुंह दोनों बेटों के वीर्य से सना हुआ था,.. अमित और आदित्य अपनी मां के अगल-बगल में पड़े हुए, छोटे बच्चों की तरह, एक एक स्तन को मुंह में लिए चूसते हुए, आराम करने लगे,..

दोपहर के १:३० बजे थे,.. प्रिया, अब मन ही मन सोच रही थी, की इस एक घटना ने कैसे उसके बेटों के साथ के रिश्ते को और मजबूत बना दिया है,.. कितने वर्षों से वो भूखी थी,.प्यासी थी,.. और पतिव्रता होने की वजह से उसने कभी किसी और पुरुष की तरफ देखा तक नहीं था,

इसके बावजूद की वो आत्मपूर्ति के लिए कितनी तड़प रही थी,.. एक औरत होने के संपूर्ण एहसास को कैसे चूंक रही थी,.. उसने सोचा कि अगर उसके बेटे, आज उसे ये सब ना देते, तो शायद वो अपने जीवन में ऐसीही बिना जिंदगी की परतों को जाने बिना मर जाती।.. ये सब सोचते हुए उसे अपने बेटों पर प्यार उमड़ रहा था।.. ममता का प्यार इस तरह से भी हो सकता है, उसने कभी सोचा भी न था।

तभी,.. आदित्य, ने अपनी मां से माफी मांगी, कहा, की वो शर्मिंदा है, अपनी मां को गाली देने और मारने पीटने के लिए, अमित भी उसके साथ माफी मांगने लगा, की वो दोनों कुछ ज्यादा ही हिंसक हो गए थे।.. उनकी माफी के बोल सुनके प्रिया रो पड़ी,..

“नहीं मेरे बच्चों.. नहीं .. तुम्हे नहीं पता, आज तुमने अपनी मां को क्या दिया है”
अमित और आदित्य दोनों अचंभे से एक दूसरे की तरफ देखने लगे
“क्या कह रही हो मां?” अमित ने पूछा

” हां बेटा, आज जो तुम दोनों ने मेरे साथ किया है, उसके लिए मै सात जन्मों तक आभारी रहूंगी”
“आज तुमने मेरे अंदर के बहुत से अरमानों को जगाया है, और न सिर्फ जगाया, उन्हें पूरा भी किया,”
“मै एक औरत होने के एहसाह के लिए न जाने कब से तड़प रही थी, मुझे तो पता ही नहीं था, की sex की कितने सारे रूप हो सकते है,.. आज तुम्हारी वजह से उन तमाम रूप में से एक के दर्शन हुए”

“पर मां..” आदित्य ने बीच में काटा,
“हम तुम्हे पीट रहे थे, गालियां दे रहे थे,..”

प्रिया ने आदित्य के मुंह पर हाथ रख कर उसे चुप कर दिया,..
नहीं बेटा,.. दरअसल, सच बात ये है, की मै इन सभी अनुभवों से अनजान थी, लेकिन जैसे जैसे तुम लोग मेरे साथ बर्ताव कर रहे थे,और गालियां दे रहे थे, मारपीट कर रहे थे,”
“मुझे वो सब बहुत उत्तेजित कर रहा था!”.
“तुम्हे क्या लगता है, अगर मुझे वो सब पसंद नहीं आता तो क्या तुम्हे वो सब करने देती?”
प्रिया ने आदित्य को समझाने की कोशी की।

“तो क्या, हमने जो किया तुम्हे पसंद आया?”
अमित ने पूछा,

“बिल्कुल बेटा, और आगे से याद रखना, जो तुमने मुझसे वादे लिए, की मै तुम्हारी रंडी हूं, तुम जैसे चाहोगे जब चाहोगे मुझे चोदोगे , मुझसे कैस भी बर्ताव करोगे, मै तुम्हारा हर हुक्म मानूंगी”.. ये सारे वादे में जमकर निभाऊंगी!”
“तुम दोनों जरा भी शर्मिंदा मत होना, उल्टा मुझे तुम दोनों पे गर्व महसूस हो रहा है”
“मेरे लाल” कहकर प्रिया ने आदित्य और अमित के माथे को चूमा।

ये सुनकर आदि, और अमित ने एक दुसरे को शैतानी हसीं के साथ देखा, उन्होंने अपनी नंगी माँ के अगल बगल से ही एक दुसरे को कुछ इशारा किया, ये इशारा, उनके सपने को पूरा करने के plan का था, दरअसल, उनको जब बाज़ारू रंडियों ने, पोर्न में दिखाई जाने वाली हरकते करने से मना कर दिया था, तभी उन्होंने तय किया था, की कभी न कभी, किसी न किसी तरीके से वो अपनी सारी इच्छाए पूरी ज़रूर करेंगे,और अभी अभी उन अनगिनत इच्छाओं में से एक को,
उन्होंने थोड़ी देर पहले पूरा किया था,

उन्हें बाकी इच्छाए पूरी करने के लिए,उनकी बेवकूफ माँ मिल गयी थी, जो हसी ख़ुशी, वो सारी बीभत्सता, वो सारी दरिंदगी झेलने को तैयार थी, उसे कहाँ पता था, की सेक्स के तरीको को उजागर करने के चक्कर में, वो क्या करने वाली है, और उसके बाद वो क्या बन जाएगी!.

“और हां,.. अगर और भी कुछ नया तुम्हारे दिमाग में हो, या तुम्हे पता हो , तो please में try करना चाहूंगी”
“जरा मै भी तो अपनी limit check कर लूं” प्रिया ने खुद से जानबूझकर, अपने मायूस बच्चों प्रोत्साहित करने के लिए कहा,
ये सुनते ही , अमित और आदित्य एक दूसरे की तरफ देख कर मुस्कुराने लगे

“अगर ऐसी बात है मां, तो अभी तो सिर्फ २ बजे है, पापा रात को लेट ८ बजे आते है”
अमित ने कहा,..
प्रिया ने मुस्कुराते हुए अपने लाडले को देखा, और तुरंत उसकी नजर नीचे चली गई,.. दोनों के लंड फिर से पूरी तरह से सख्त हो चुके थे।
“बदमाश!” कहते हुए, प्रिया ने उन दोनों के कान पकड़ लिए।

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