माँ का रंडी बनने का सफर – पार्ट २

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दोस्तों पिछले भाग में हमने पढ़ा , आदित्य और अमित अपनी माँ को बैंगन से चुदवाते पकड़ लेते है ,और उसे ब्लैकमेल करते है , और उसे चोदने की डिमांड करते है , अगर अपने पहला पार्ट नहीं पढ़ा है तो यंहा क्लिक करें माँ का रंडी बनने का सफर – पार्ट १ , तो चलिए कहानी में आगे बढ़ते है ,….

“क्या?!”.. प्रिया को ,एक पल के लिए अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ, उसने दोबारा पूछा,..
“क्या कहा?, क्या चाहिए?”
“मम्मी हम दोनों, तुम्हे चोदना चाहते है!”
आदित्य ने बड़ी आवाज में जोर से गुर्राते हुए कहा।

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तभी एक जोरदार थप्पड़ आदित्य के गाल पर पड़ा।
“शर्म नहीं आती , अपनी मां के बारे में ऐसा सोचते हुए!”..
प्रिया चिल्लाई,..

“लाज, शर्म की बात तुम मत करो मम्मी” अमित बोला,..
“अगर तुम्हे शर्म होती तो ये सब न करती, रुको अभी पापा को video भेजता हूं, वो तुम्हे बताएंगे, शर्म क्या होती है!”
ये कहते हुए अमित ने जेब में से phone निकाल लिया..
प्रिया दौड़ती हुई, आई और अमित का हाथ पकड़ते हुए, बोली..
“रुको..!.. देखो ऐसे मत करना,.. हमारा पूरा परिवार बर्बाद हो जाएगा बेटा”..

“तो फिर हमे जो चाहिए, वो दो” आदित्य ने अपनी बात फिर से कही
“ये बहुत गलत है, बेटा,.. तुम दोनों मेरे बेटे हो, और मै तुम्हारी मां हूं,
इस तरह का रिश्ता , मां बेटे मै नहीं होता, ये गलत है।” प्रिया ने फिर से विनती की
“सही गलत कुछ नहीं, मां हमे और कुछ नहीं चाहिए, हम भी बड़े हो गए है, हमारी भी जरूरतें है,.. और उसे आप पूरा कर दो, तो उसमें हर्ज क्या है?, वैसे भी ये बात हम तीनों के बीच ही तो रहेगी।”
अमित ने अपनी मां को समझाने की कोशिश की।

“पर..”

“पर वर कुछ नहीं,.. हमे तुमको चोदना है अभी बस!”.. आदित्य ने फिर से जोर डाला।
प्रिया , अजीब सी कशमकश में फंस गई थी, अगर वो उनके साथ sex करती, तो उनका मां – बेटे का रिश्ता हमेशा के लिए बदल जाता, और उधर अगर ये बात उसके पति को पता चलती, तो शायद उसका घर ही टूट जाता.. उसने सोचा बच्चे तो मान नहीं रहे,.. अगर वो उनकी बात मान लेती है,.. और उनके साथ एक बार sex कर लेती है, तो बात दब जाएगी। और घर में कोई तनावपूर्ण परिस्थिति उत्पन्न नहीं होगी।

“ठीक है, पर हम ये सिर्फ एक बार करेंगे, और उसके बात तुम वो video delete कर दोगे, और आज के बाद, ये सब कभी किसके सामने नहीं कहोगे” प्रिया ने अपनी शर्त रखते हुए, उनकी बात मान ली।
आदित्य और अमित के चेहरे पर फिर से वही शैतानी हंसी लौट आयी।
“तो फिर, नीचे अपने घुटनों पर बैठो मम्मी” कहते हुए, आदित्य अपनी pant उतारने लगा, अमित भी वही कर रहा था।
जैसे ही दोनों ने अपनी pant उतारी,.. और अपने सख्त , फनफनाते लंड हाथ में पकड़े,.. प्रिया की आँखें चौड़ी हो गई, 

उसके दोनों बच्चों के लंड उसकी कलाई जितने मोटे और लंबे थे,.. उसने कभी अपने पति के अलावा किसी और के लंड नहीं देखे थे। उन दो लंड को देख के उसने अचंभे से अपने मुंह पर हाथ रख लिया।..

“लो चूसो मां” अपना लंड प्रिया के मुंह के पास ले जाते हुए आदित्य ने कहा।

जैसेही, आदित्य का लंड प्रिया के होंठों के पास आया, उस बड़ेसे लंड की खुशबू उसकी सांसों में समा गई, उसने धीरे से अपना मुंह खोला, और अपने बड़े बेटे का लंड मुंह में लेने की कोशिश की,.. लंड की मोटाई की वजह से प्रिया का मुंह खींच गया था, और अभी तो लंड का सिर्फ आगे का हिस्सा की मुंह में गया था।
“ओह,ह.स स्स.. स्स “… आदित्य की मुंह से आह निकल गई। प्रिया के रसीले होंठ और लार ने उसे उत्तेजित कर दिया था।

“अंदर लो मम्मी” कहकर आदित्य ने अपनी कमर आगे की तरफ हिलाई,.. जिससे उसका लंड थोड़ा और प्रिया के मुंह में जाने लगा,.. जिसकी वजह से प्रिया का मुंह और थोड़ा stretch हो गया,.. 
“आह.. ह ह..क्या मुंह हे मम्मी तुम्हारा..”.. आदित्य को हर के पल का मजा आने लगा था, और प्रिया को अज़ीबोग़रीब अनुभव हो रहा था , एकतरफ उसका मन घृणा से भरा हुआ था, वही दूसरी तरफ उसकी चूत वासना से फिर से गीली और चिपचिपी हो गई थी, उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है? , वो ये सोच ही रही थी, की अमित ने उसका ध्यान खींचा,

” मां.. मै भी हूं” ये कहते हुए, उसने अपना लंड आगे कर दिया,..

प्रिया के हथेली में उसका लंड मुश्किल से पूरा समा रहा था,.. अमित का लंड आदित्य के लंड से लंबाई में थोड़ा कम था, पर मोटाई में तकरीबन १ inch ज्यादा मोटा था,.. प्रिया ने मुश्किल से पूरा मुंह खोला,.. और कोशिश करने लगी लंड को मुंह में लेने की, मगर मोटाई की वजह से वो कर नहीं पा रही थी, इतने में अमित ने बिना किसी चेतावनी के अपनी मम्मी का सर पकड़ा और एक झटका देके लंड आधा मुंह में घुसा दिया!.. प्रिया को लगा जैसे उसका मुंह, होठों के दोनों किनारों से चीर जाएगा,.. उसने तुरंत अपने आप को पीछे धकेला,

सके मुंह से थूंक का गुब्बारा फुला और फटा, साथ ही, एक लंबी लार की धारा बनी, जो अमित के लंड से जुड़ी हुई थी।
“बेटा, तुम दोनों के बहुत बड़े है, मै मुंह में नहीं ले पा रही हूं” प्रिया ने कहा,

“क्या बड़े है मां?” आदित्य ने जानबूझ कर पूछा,
“ये” प्रिया ने लंड की तरफ इशार करते हुए बोला
“इनको लंड कहते मां, तुम अब ये कह सकती हो” अमित बोला..
“हां मुझे पता है, पर…मुझे ऐसे शब्द बोलने में अजीब लगता है” प्रिया ने ऐतराज जताया।
“अरे अब शर्माना क्या मम्मी, हमारे लंड तो चूस ही रही हो न, तो फिर लंड को लंड बोलने में शर्माना क्या?” आदित्य ने समझाया

“हां हां ठीक है,..पता है मुझे, तुम्हारी मां हु मै, तुमसे ज्यादा जानती हूं”,और वही कह रही हूं, तुम्हारे लंड बड़े और मोटे है, मुंह में लेने में दिक्कत हो रही है,” प्रिया ने आखिरकार अपनी शर्म छोड़ी।
“अरे मम्मी …पहली बार तो हर छेद में दिक्कत होती है, पर थोड़ी देर बाद सब आसानी से होता है,.. तुम्हे तो पता ही है,है न?” अमित ने कहा,

“नहीं.. बेटा पर कुछ ज्यादा ही बड़े है, इतना बड़ा और मोटा लंड तो तुम्हारे पापा का भी नहीं है!, देखो हाथ में भी ठीक से पकड़ नहीं पा रही हूं, और देखो मेरा मुंह, आ..आ..  देखो पूरा मुंह खोल के भी नहीं समा रहा, मै नहीं ले सकती”…
तभी आदित्य बोला,
“हां इधर दिखाओ जरा आ.. आ.. कर के, जरा देखूं कितना खुलता है मुंह?”..
प्रिया आदि की तरफ मुड़ी..
“आ..आ..”

तभी आदित्य ने अचानक, फुर्ती से प्रिया का सर पकड़ा और लंड को जोर के झटके के साथ आधा प्रिया के मुंह में ठूंस दिया! प्रिया, झटपटाने लगी, और अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करने लगी, पर आदि ने उसका सिर कस के अपने लंड पे दबा के रखा था, प्रिया की आँखें बड़ी और लाल हो गई थी, और उनसे आंसू बहने लगे थे, वो ..गूं .. गूं.. की आवाज कर रही थी,..

तभी अमित प्रिया के पीछे आया और उसने अपनी मां का सर पकड़ा और आदि को इशारा किया, दोनों ने एक साथ धक्का दीया, अमित ने प्रिया का सर पीछे से धकेला और आदि ने एक और कमर को झटका दिया,.. और उसी झटके साथ आदि का ८ इंच का लंड ,  पूरा का पूरा उसकी मां के गले में उतार दिया!, प्रिया आदि का लंड उसके गले में महसूस कर सकती थी।..

अमित झुका और बड़ी बड़ी आँखों से अचम्भे से , अपनी मां के गले को हाथ लगा के चेक किया, जैसे वो दोनो ये सब पहले से कर के देखना चाहते हो ,..गले में लंड डालना ! अभी तक ये सब वो पोर्न में देखते थे , और वो सब करना भी चाहते थे! और आज उन तमाम ख्वाहिशों में से एक, पूरी हुई थी ….

१ नंबर भाईई..!.ख़ुशी से चौंकते हुए अमित ने आदित्य की तरफ देखा, उसने दो चार बार प्रिया के गले पर ऊपर से निचे तक हाथ फेरा, प्रिया का गला मेंढक जैसे फुला हुआ था, उसकी आँखे इतनी बड़ी, और आंसुओ के साथ लाल हो गयी थी, मानों फटने वाली हो! …वाकई में आदि का लंड उनके मम्मी के गले में उतर चुका था।..आदित्य,.. जो आँख बंद करके स्वर्ग में घूम रहा था,..परमसुख की अनुभूति से कराह रहा था,..

आह ..हा..हा..इस..स्स.स्स…! मज़ा आ गया यार!….दोनों बेटे, अपने नए प्रयोग के सफल होने की ख़ुशी से, अचंभित थे!,,..और इधर प्रिया की सांस फूल गई थी, वो झटपटा रही थी , पर आदि , और अमित ने उसका सर पूरी ताकत से दबा रखा था।..

लगबघ १ मिनट के बाद,…अचानक आदि ने अपना पूरा लंड बाहर निकाल लिया,.. प्रिया जोर जोर से खांसने लगी, उसके मुंह से और नाक से लार बह रही थी। और लाल आंखों से आसूं काजल के साथ पुरे गाल पर, फैल रहे थे .. वो खांसते हुए,..गुस्से से आदि, और अमित की तरफ देख रही थी।..उस के मुह से निकलने वाली लार, थूंक आसुओं के साथ मिलकर गले से नीचे , मंगलसूत्र को भिगोते हुए ,..स्तनों को भिगो रही थी,..वो २,३ मिनट तक खांसती रही ..

तभी अमित : “देखा मां, अब तुम्हारे गले की “सील” टूट गई है, अब कोई “दिक्कत” नहीं होगी” अमित ने सहलाते हुए ,प्रिया का सर पकड़कर, अपनी तरफ करके कहा,.. प्रिया अभी भी हाफ रही थी, और गुस्से से देख रही थी, पर साथ ही उसने अमित की बात पर गौर किया,.. उसने महसूस किया कि, उसके गाल की मांसपेशियां वाकई में stretch हो चुकी थी,.. और गले की भी,..

उसने अपने गालों को और गले को पकड़ते हुए ,..अपना मुहं खोल के देखा ,..और उसे आश्चर्य हुआ!..उसका मुह, पहले के मुकाबले बोहोत बड़ा खुल रहा था, उसका जबड़ा मानो पूरी तरीके से लचीला हो गया था,…”ये कैसे हो सकता है!?”.. जैसे ही ये वाक्य उसके मुह से निकला , एक और बात का उसे झटका लगा , उसकी आवाज, अब साफ, और बड़ी हो गयी थी! शुरुवात में उसे लगा की गला बैठ गया है, पर ऐसा नहीं था,.उसका गला साफ़ हो चूका था, थोड़ी बोहोत गले की खराश, जो हर कोई महसूस करता है,..जो वो भी थोड़ी देर पहले कर रही थी, वो अब जा चुकी थी!..

उसने सोचा ,”गले की सील का टूटना?”, भला ऐसी भी कोई चीज होती है? पर जो अनुभूति उसे हो रही थी, वो अमित के उस वाक्य को पक्का कर रही थी,…. क्योंकि की उसकी जानकारी में, sex का मतलब, बस चूत में लंड डालना ही था, और चूत से खून आने पर ही, सील टूटती है, बस इतना ही उसे पता था, छोटी उम्र में शादी, और बच्चे हो चुके थे उसके ,

उसके लिए संजय ही वो पहला, और आखिरी मर्द था, जिसके साथ उसने, इससे पहले शारीरिक संबध बनाये थे, लेकिन वो संबंध भी, ठंडे हो चुके थे, इस नयी अनुभूति से, उसके अन्दर एक विचार उभरा, कि ये नए जमाने के लड़के, लड़कियां sex को कितना explore करते है,..मुंह की भी चुदाई होती है!, ये बात, आज उसने अपने बच्चों से सीखी थी। 

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